अनन्त

मृत्यु तो पड़ाव है, और हर पड़ाव से नई सवारी है
समय तो अनन्त है, और हम करोड़ों वषों के राही है !

राह में कुछ छुट गया, आगे कुछ मिलेगा,
हमने कुछ काम किया है, कुछ बाकी रहेगा,
आँखों में खवाब रखा है, कुछ और जन्मेगा,
दिल में संतोष नहीं है, कब मन भरेगा !

सब कुछ अधूरा है, अभी बहुत काम करना बाकी है ,
समय तो अनन्त है, और हम करोड़ों वर्षों के रही है !

यहाँ कुछ सम्पूर्ण नहीं है, न कल होगा ,
जो सब, आज करते है, कल भी दौड़ेगा,
फिर किस बात की जल्दी है, क्यों दुखी रहेगा,
जो बेफिक्र काम करता है, वही सुखी रहेगा !

सम्पूर्ण कुछ नहीं है, और इसे पूरा करना जीवन है ,
समय तो अनन्त है, और करोड़ों वर्षों के रही है !
Labels:
[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Anand. Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget