वास्ता मेरे गम से जिनका न था कोई वास्ता , सुन के दर्द मेरा हमदर्द हो गए !और मेरी खुशियों का था जो रास्ता , उनको न था मेरे दर्द से कोई वास्ता ! Unknown Share to: Twitter Facebook URL Print Email Labels: वास्ता