ससुराल चाहे बहु उसके रंग में रंग जाए,
मायका चाहे उसी के रंग में रंगी रहे।
मां बाप बच्चे को अपना रंग देना चाहे,
पर हर बच्चा अपना रंग खुद बनाना चाहे।
मानव की है प्रवृति एक रंग में रंगने कि,
पर प्रकृति का है कहना, विविधता है सुन्दरता।
पर प्रकृति का है कहना, विविधता है सुन्दरता।