ज़िंदगी
जीने की तमन्ना जब ना हो, ज़िंदगी पंख लगा देती है ,
जब हर पल जीना चाहूँ , ज़िंदगी दरवाजे बंद कर देती हो !
ज़िंदगी तुमसे कुछ पूछना है, कुछ नहीं
ज़िंदगी तुमसे कुछ कहना है, कुछ नहीं,
जब हर पल जीना चाहूँ , ज़िंदगी दरवाजे बंद कर देती हो !
ज़िंदगी तुमसे कुछ पूछना है, कुछ नहीं
ज़िंदगी तुमसे कुछ कहना है, कुछ नहीं,
जब ज़िंदगी में गम की आंधी हो, बारिश से आंसू छुपा देती हो,
चाहे जितनी नाइंसाफी करती हो, ज़िंदगी कोई जवाब नहीं देती हो !
ज़िंदगी तुमसे कुछ शिकायत है, कुछ नहीं,
ज़िंदगी तुमसे कुछ कहना है, कुछ नहीं,
जो अच्छा लगे उसे छीन लेती हो, फिर मुस्कुराने को कहती हो,
ज़िंदगी कभी साथ नहीं देती हो, पर हर पल साथ रहती हो !
ज़िंदगी तुमसे कुछ मांगना है , कुछ नहीं,
ज़िंदगी तुमसे कुछ कहना है, कुछ नहीं,