मुंह की बात सुने हर कोई, दिल के दर्द को जाने कौन !
आवाजों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन !!
मुंह की बात सुने हर कोई !!

सदियों सदियों वही तमाशा, रस्ता रस्ता लंबी खोज !
लेकिन जब हम मिल जाते हैं, खो जाता है जाने कौन !!
आवाजों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन !!
मुंह की बात सुने हर कोई !!

वो मेरा आइना है और मैं उस की परछाई हूँ !
मेरे ही घर में रहता है, मुझ जैसा ही जाने कौन !!
आवाजों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन !!
मुंह की बात सुने हर कोई !!

किरन किरन अलसाता सूरज, पलक पलक खुलती नींद !
धीमे धीमे बिखर रहा है, ज़रा-ज़रा जाने कौन !!
मुंह की बात सुने हर कोई, दिल के दर्द को जाने कौन !
आवाजों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन !!
मुंह की बात सुने हर कोई !!

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