बीती यादों कि बरसात में सब कुछ भींगा भींगा है,
पन्ने है कुछ हांथों में वो भी गीला गीला है,
लिखते लिखते गीत कभी याद तेरी आ जाती है,
आँसू छलके आँखों से शब्दों को गीला कर जाती है !
साँसों में है स्याही थोड़ी बस वो सुखी सुखी है,
लिखता हूँ मैं सावन वो भी सुखा सुखा है ,
छुपाया है चेहरा खुशियों से पर तेज हवा चल जाती है,
आँसू छलके आँखों से शब्दों को गीला कर जाती है !
पन्ने है कुछ हांथों में वो भी गीला गीला है,
लिखते लिखते गीत कभी याद तेरी आ जाती है,
आँसू छलके आँखों से शब्दों को गीला कर जाती है !
साँसों में है स्याही थोड़ी बस वो सुखी सुखी है,
लिखता हूँ मैं सावन वो भी सुखा सुखा है ,
छुपाया है चेहरा खुशियों से पर तेज हवा चल जाती है,
आँसू छलके आँखों से शब्दों को गीला कर जाती है !