मन में कितनी बातें, आती है, जाती है,
पर कोई बात रुकती नहीं,
अब रुक गयी है वो,
तो फिर जाती नहीं,
काटें कि तरह अनमोल है वो,
भूल जाऊ तो चुभ जाती है !
खूबसूरत है उसकी हर बात, छोटी हो, बड़ी हो,
पर उसे खबर नहीं,
मेरे लिए अनमोल है वो,
पर उसको बिश्वास नहीं,
काटें कि तरह अनमोल है वो,
पर कोई बात रुकती नहीं,
अब रुक गयी है वो,
तो फिर जाती नहीं,
काटें कि तरह अनमोल है वो,
भूल जाऊ तो चुभ जाती है !
खूबसूरत है उसकी हर बात, छोटी हो, बड़ी हो,
पर उसे खबर नहीं,
मेरे लिए अनमोल है वो,
पर उसको बिश्वास नहीं,
काटें कि तरह अनमोल है वो,
भूल जाऊ तो चुभ जाती है !