अच्छी है खुदगर्जी सोंच के उससे शादी रचावोगे,
या है तुममे कुछ बात जो खुददार बनना चाहोगे!
होशियार है वो जो देश छोरकर चले जाते है,
जरुरत हो तो कंप्यूटर पर बात करते है,
कामयाब है वो देखकर हम भी चले देते हैं,
आगे है वो पीछे नंगो को छोड़ देते है !
सोच लो अभी जीवन में क्या बनना चाहोगे !
करके चाकरी क्या मिटटी का क़र्ज़ लौटा पावोगे !
सोंचा है कैसे भी बड़ा डॉक्टर बनना है,
दोस्त है जितने सबको पीछे करना है,
दर्द है जितना उसे पैसा बनाना है,
देखा है बंगला वैसा ही एक बनाना है !
सोच लो अभी जीवन में क्या बनना चाहोगे !
लूट के पैसा क्या उनकी बददुआ लौटावोगे !
समय है ऐसा चपरासी भी ताव देते है,
काम है सही फिर भी पैसा लेते है,
आराम है इतना की दर्द भूल जाते है,
किस्मत है जिसकी वो लाट साहब बनते है !
सोच लो अभी जीवन में क्या बनना चाहोगे !
बन के भ्रष्ट क्या तुम खुद मिट नहीं जावोगे !
या है तुममे कुछ बात जो खुददार बनना चाहोगे!
होशियार है वो जो देश छोरकर चले जाते है,
जरुरत हो तो कंप्यूटर पर बात करते है,
कामयाब है वो देखकर हम भी चले देते हैं,
आगे है वो पीछे नंगो को छोड़ देते है !
सोच लो अभी जीवन में क्या बनना चाहोगे !
करके चाकरी क्या मिटटी का क़र्ज़ लौटा पावोगे !
सोंचा है कैसे भी बड़ा डॉक्टर बनना है,
दोस्त है जितने सबको पीछे करना है,
दर्द है जितना उसे पैसा बनाना है,
देखा है बंगला वैसा ही एक बनाना है !
सोच लो अभी जीवन में क्या बनना चाहोगे !
लूट के पैसा क्या उनकी बददुआ लौटावोगे !
समय है ऐसा चपरासी भी ताव देते है,
काम है सही फिर भी पैसा लेते है,
आराम है इतना की दर्द भूल जाते है,
किस्मत है जिसकी वो लाट साहब बनते है !
सोच लो अभी जीवन में क्या बनना चाहोगे !
बन के भ्रष्ट क्या तुम खुद मिट नहीं जावोगे !