कितने अरमान, कितनी निराशा है,
कितनी शोहरत, कितनी नाकामी है,
कितने सपने, कितने आँसू है,
कितनी भीड़, कितनी तन्हाई है,
मेरे मन को जो समझता है, ऐसा साथ चाहिए!
मेरे सपनो को जो समझता है, ऐसा साथ चाहिए !
कितना दर्द, कितनी राहत है,
कितनी शांति, कितनी बेचैनी है,
कितना साहस, कितना डर है,
कितनी नजदीकी, कितनी दूरी है,
मेरे मन को जो समझता है, ऐसा साथ चाहिए!
मेरे दर्द को जो समझाता है, ऐसा साथ चाहिए !
कितनी शोहरत, कितनी नाकामी है,
कितने सपने, कितने आँसू है,
कितनी भीड़, कितनी तन्हाई है,
मेरे मन को जो समझता है, ऐसा साथ चाहिए!
मेरे सपनो को जो समझता है, ऐसा साथ चाहिए !
कितना दर्द, कितनी राहत है,
कितनी शांति, कितनी बेचैनी है,
कितना साहस, कितना डर है,
कितनी नजदीकी, कितनी दूरी है,
मेरे मन को जो समझता है, ऐसा साथ चाहिए!
मेरे दर्द को जो समझाता है, ऐसा साथ चाहिए !